रब के ज़िक्र का वह ख़ास तरीक़ा, जिससे आती है मौज
जवाब: W alaykum assalam Sajid bhai, परमात्मा शब्द को कुछ हिंदू बहन भाई परमेश्वर के अर्थ में बोलते हैं जबकि परमेश्वर परमात्मा का स्वामी है। ख़ैर, वह बहन परमेश्वर अल्लाह या ख़ुदा या God को ऐसे क्यों याद करना चाहती है कि वह सब कुछ भूल जाए? क्या परमेश्वर अल्लाह ने अपने बंदों को ऐसा करने के लिए कहा है? नहीं। ...तो फिर उसे उस तरह याद करो जैसे कि वह चाहता है। वह चाहता है कि बंदा कायनात की हर चीज़ को, उनकी ख़ूबियों को, ख़ुद को और ख़ुद की ख़ूबियों को रब की निशानियाँ माने और उन पर, उनके मक़सद पर ध्यान दे। जिस तरह हर चीज़ काम करती है। उस पर ध्यान दे और हर चीज़ से उसे जो जो फ़ायदे उसे और सबको पहुंच रहे हैं, उन फायदों पर ध्यान दे ताकि बंदे के दिल में रब की नेमतों पर उसके शुक्र का जज़्बा पैदा हो। 🕋🌴🌴🌴 रब का मक़सद यह है कि बंदा अपने रब का शुक्रगुज़ार हो और वह ख़ुद को रब के रंग में रंगे कि जैसे रब सबको फ़ायदा पहुंचा रहा है, वैसे ही मैं भी अपनी ताक़त के मुताबिक़ सबको फ़ायदा पहुंचाऊँ। 🌷🌷🌷🌷🌷 शुक्र दिल की एक भावना है। जब एक बंदा शुक्र से भर जाता है तो उसे ज़ाहिर करने के लिए उसे बोल की ज़रू...

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